बटेर पालन योजना [Quail Farming] लोन | खर्च | कैसे शुरू करें ?

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प्यारे दोस्तो महंगाई के इस युग मे आजकल हर कोई अपनी आजीविका को कमाने के चक्कर मे लगा हुआ है। कोई या तो नौकरी मे ज्यादा समय देकर पैसे कमा रहा है। कोई अपनी नौकरी के साथ साथ कोई पार्ट टाइम और नौकरी करके पैसे के लिए अपना समय दे रहा है। और कुछ लोग अपना साइड बिजनेस शुरू कर पैसे कमा रहे है। तो आज हम आपको एक एसे बिजनेस प्लान की जानकारी देने जा रहे है जो आपके लिए बहुत ही फायदेमंद साबित होने वाली है। इस योजना का नाम है बटेर पालन योजना।

बटेर पालन योजना | Quail Farming in India

तो बटेर पालन को शुरू कैसे करना है । और इसके लिए आपको पहले कितनी लागत लगानी है। लागत के बाद आपको इस बटेर पालन से कितना मुनाफा होने वाला है यह जानकारी हम आपको अपने आर्टिक्ल के जरिये देंगे। बटेर पालन को आप कम खर्च मे शुरू कर सकते है। और हम आपको यह भी बताएँगे की आप इस बटेर पालन के लिए कहा से प्रशिक्षण ले सकते है। आइये अधिक जाने बटेर पालन के बारे मे ।

आजकल बटेर पालन भी एक एसा व्यवसाय है जिसे आप कम खर्च करके अधिक पैसे कमा सकते है। यह व्यवास भी आजकल युवाओ से लेकर हर वर्ग के किसान के बीच मे लोकप्रिय हो चुका है। हम सभी जानते है की आजकल हमारे देश मे अंडे और मांस की मांग बढ़ती देखकर इस कारोबार को और अधिक बढ़ाया जा सकते है। एसे मे बटेर पालन को भी एक व्यवसाय के रूप मे शुरू किया जा रहा है, जहा पर लोग कम खर्च मे अधिक पैसे कमा रहे है।

Bater Palan Yojana की जरूरी बाते:-

जब हम मांस अंडे की बात करते है तो सबसे पहले मुर्गी पालन, फिर बतख फलाना उर आजकल बटेर पालन योजना का  व्यवसाय शुरू किया जा रहा है। इस बटेर पालन के लिए जापानी बटेर का इस्तेमाल किया जाता है। जापानी बटेर के अंडे का भार उसके भर के 8% होता है। जापानी बटेर को मांस अंडे के उत्पादन के लिए 70 के दशक मे भारत लाया गया था। जोकि अब भारत मे बहुत ही लोकप्रिय हो गया है। परंतु बटेर पालन को शुरू करने के लिए आपको सबसे पहले प्रशिक्षण लेना जरूरी है। बटेर पालन के बाद उसके चूजो के लिए आपको बाहर भी नहीं जाना पड़ता है । लोग घरो से उसे खरीद के ले जाते है।

बटेर के लिए निवास :-

तो सबसे पहले जब हम बटेर पालन को शुरू करेंगे तो हमे उन्हे रखने के लिए एक प्रयाप्त स्थान का चुनाव करना है। जहा पर हम उन्हे रख सके। बटेर पालन के लिए आपको पिंजरा भी बनाना है जोकि हवादार होने के साथ साथ रोशनीदार भी होना चाहिए। उसमे बटेर के लिए पीने की पानी की व्यवस्था के साथ उन्हे रहने लायक जगह होनी चाहिए। ताकि बटेर वहा पर आराम से रह सके। उनके आवास स्थान मे सीधी धूप हवा या फिर बारिश नहीं होनी चाहिए।

भोजन की व्यवस्था :-

दूसरा जो सबसे ज्यादा जरूरी व्यवस्था बटेर पालन के लिए है वह है भोजन की व्यवस्था। बटेर के लिए और उसके चूजो के लिए आपको संतुलित आहार की व्यवस्था करनी पड़ेगी। बटेर के चूजो के लिए आपको उनके शरीर की वृद्धि के लिए 6 से 8 परसेंट शीरे का घोल 3 से 4 दिन देना जरूरी है। फिर उनको प्रोटीन युक्त आहार भी जरूरी  है। बटेर के लिए आपको उनके आहार मे मक्का, चावल, मूँगफली  इत्यादि भी शामिल  करना जरूरी है।

बटेर पालन योजना

बटेर के चूज़ो की लिंग पहचान :-

बटेर के चूज़ो मे लिंग की पहचान एक दिन के बाद ही की जाती है। अगर नहीं हो पाती तो आप 3 हफ्ते के बाद उनके रंग के अनुसार कर सकते है। मादा बटेर का  भार नर बटेर के भाग से अधिक होता है।

रौशनी की व्यवस्था:-

जो बड़े और अंडे देने वाले बटेर होते है उन्हे 16 घंटे लाइट मे और 8 घंटे अंधेरे मे रखना जरूरी होता है। जब आप बटेर को बाजार मे भेजते है तो उसके मांस की बृद्धि के लिए आपको उसे 7 से 10 दिन पहले 8 घंटे रोशनी मे और 16 घंटे अंधेरे मे रखना जरूरी है।

अंडा उत्पादन बटेर पालन मे :-

बटेर दोपहर मे 3 बजे से 6 बजे के बीच मे अंडे उत्पादन करती है। और बाकी के अंधेरे मे देती है। आपको इन्हे दिन मे 3 से 4 बार संभालना जरूरी होता है। अगर बेहतर उत्पादन के लिए अंडे से बच्चा निकालना है तो नर और मादा बटेर की आयु 10 से 28 सप्ताह के बिछोनी चाहिए। एक नर बटेर के साथ 2 से 3 मादा बटेर को रखना चाहिए।

बटेर पालन के लाभ :-

किसान भाईओं बटेर पालन के आजकल बहुत से लाभ है। जिसकी जानकारी आपको नीचे देने जा रहे है।

  • यह कम लागत मे शुरू होकर आपको अधिक मुनाफा देने वाला व्यापार है।
  • इस बटेर पालन को शुरू करने के लिए आप कम जगह भी इस्तेमाल कर सकते है।
  • बटेर का भर और आकार बहुत ही कम होता है। जिसके लिए आपको उसके रख रखाव मे बहुत ही आसानी होने वाली है।
  • और भीतर 5 सप्ताह के बीच ही इसका मांस तैयार हो जाता है।
  • बटेर के अंडे और मांस मे बहुत ही विटामिन इत्यादि पाई जाती है।
  • इसके अंडे बेचने के लिए आपको काही बाहर नहीं जाना पड़ता है। घर से ले जाते है।

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बटेर पालन का प्रशिक्षण :-

बटेर पालन के लिए आपको पहले प्रशिक्षण लेना जरूरी है। जिसके लिए आपको अपने राज्य के पक्षी अनुसंधान संस्थान से संपर्क करना पड़ेगा। इसके लिए कोई भी प्रशिक्षण ले सकता है। और फिर बटेर के चूज़ो को इनहि संस्थान के द्वारा खरीद लिया जाता है। अधिक जानकारी हेतु CSIR भारत सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर जा कर पढ़े.

तो हमने आपको बटेर पालन और बटेर प्रशिक्षण की सारी जानकारी अपने इस लेख के द्वारा दे दी है। फिर भी आप हमसे बात करना चाहते है तो कमेंट करके कर सकते है। आपको यह जानकारी कैसी लगी यह भी आप हमे कमेंट करके बता सकते है।

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